चंडीगढ़ में अवैध कब्जों की तोड़फोड़ जारी, ‘पहले क्यों नहीं की कार्रवाई?’ सवालों में प्रशासन
चंडीगढ़ के अलग-अलग सेक्टरों में जहां लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं, वहां चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उन्हें हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। हालांकि इस दौरान लोगों का विरोध भी देखने को मिल रहा है।
इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने बाकायदा मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि जिन लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं, वे स्वयं उन्हें हटा लें, अन्यथा इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी—चाहे कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न बैठा हो।
वहीं दूसरी ओर लोगों में नाराज़गी भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि इन निर्माणों को बने हुए 15 से 20 साल तक हो चुके हैं, तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई जब यह सब बनाया जा रहा था। आज इतने वर्षों से वे अपने आशियाने बनाकर रह रहे हैं और अब उन पर कार्रवाई की जा रही है।
लोगों का यह भी कहना है कि नीड-बेस्ड पॉलिसी (Need Based Policy) को लेकर लंबे समय से चर्चा जरूर हो रही थी, लेकिन अगर समय रहते ऐसी कोई नीति बना दी जाती, तो लोगों के खून-पसीने की कमाई से बनाई गई इन इमारतों पर खर्च हुआ पैसा व्यर्थ नहीं जाता।